6 Feb 2013

5 Female Sex Secrets

 

There are many things that men don’t know about women’s wants in the bedroom. It’s not because men don’t care, it’s just because the subject either hasn’t come up or she’s too shy to offer you this information. While every woman is different, there are some things all women can generally agree on when it comes to sex.

Because couples who communicate their needs and desires have far better sex more often, you should encourage her to talk about the things she wants. In the meantime, to get you started, we’re giving you five feel-good secrets she’s been hiding.

She likes period sex

Generally, this is true, but there are rules. It can tend to get very wet very quickly; throwing a sausage down Niagara Falls may be a more appropriate description. And make sure you are both showered and clean. The other problem you may face is temporary vaginal dryness. If she uses tampons, expect a little uncomfortable friction after she removes it to have sex, and prepare by having some lube handy. She will warm up pretty quickly, but dry sex is painful and unpleasant, so don’t blow your future chances by being too forthright in the entering department. The bonus of period sex is she is likely to be quite randy -- hormones make this a positive (but obstacle-laden) time for nookie. Don’t try to go down on her unless you have a death wish or share morbid vampire fantasies because she will knock you out of the way faster than you can say “What’s that taste?”

secret 2

She doesn’t like never-ending sex

This is faking-it territory. Don’t believe the hype: Being the man means being a man and knowing when to just sit back and relax and enjoy the fruits of your labor. A happy girl on your hands is great, so don’t blow your own rep by trying to prove yourself. Yes, love machines exist, but aren’t they wired to just keep on pounding away? Aren’t they made of plastic and rubber? Women want a lover, not a love machine. Women adore orgasms as much as the next man, but one is good -- just make it count. Two is a bonus (but the bonus need not include strenuous and lengthy attempts to achieve) and after that, well that all depends on the situation. Know when to relax into her arms and enjoy the smell of her hair. No doubt, if she is still up for it she will -- in no uncertain terms -- let you know.

Three more ways to have her screaming with pleasure… Next Page >>

3 Feb 2013

Hot Sexy Teens

Want to Be My Valentine

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बिंदास यहां चलता है वेश्या बाजार!


अमेरिका के रूरल नेवा़डा में प्रॉस्टीट्यूशन लीगल है। उस इलाके में कई ब्रॉथेल हैं। इनमें वेश्याएं बेरोक-टोक जिस्म का व्यापार करती हैं। फोटोग्राफर मार्क मैक एन्ड्रयूज ने इन ब्रॉथेल्स के बीच 5 साल बिताए और वेश्याओं के जीवन और लाइफ स्टाइल से जुड़ी अनेकों तस्वीरें खींची। वह उनके जीवन पर एक रिसर्च कर रहे थे। यहां पेश हैं उनके द्वारा ली गईं कुछ खास तस्वीरें।
बैटल माउंटेन के एक वेश्यालय में कस्टमर्स के आने के पहले एक वेश्या तैयार होती हुई।

19 Jan 2013

क्या आप Sex Life का मजा नही ले पा रहें है


अकसर लोग अपने Sex Life का आनदं नही ले पाते, क्यो कि उन्हे सेक्स की जानकारी नही होती और वो इसे किसी से कहने में संकोच करते है।
अब संकोच छोडीये और अपनी समस्या मुझे बताए। क्यो की हर समस्या का समाधान होता है। और आपका भी है।
Please Fill Up the Appointment Form and read the about me page carefully.

कामसुत्र

Kamasutra: The Bible of Sex Positionsकामसूत्र 

आप सार्वजनिक रूप से 'कामसूत्र' का नाम लेने से शायद कतराएं। जिन्होंने कामसूत्र या कामशास्त्र नहीं पढ़ा वे इसे सेक्स या संभोग की एक किताब मानते हैं जबकि कामसूत्र सिर्फ सेक्स की किताब नहीं है बल्कि कामसूत्र में सेक्स के अलावा व्यक्ति की जीवनशैली, पत्नी के कर्त्तव्य, गृहकला, नाट्‍यकला, सौंदर्यशास्त्र, चित्रकारी और वेश्याओं की जीवन शैली आदि जीवन से जुड़ी सभी की जानकारी है।

संभोग और प्रेम पर वात्स्यायन ने दुनिया का प्रथम और सर्वाधिक प्रसिद्ध दार्शनिक ग्रंथ लिखा 'कामसूत्र'। मूलत: रतिक्रीड़ा पर आधारित इस ग्रंथ की दुनियाभर में कहीं न कहीं चर्चा होती रहती है। सात खंड के छत्तीस अध्यायों में 1250 श्लोक के इस ग्रंथ में संभोग तथा रतिक्रीड़ा के आसनों पर आखिर ऐसा क्या लिखा है जो हर काल में प्रासंगिक बने रहने की ताकत रखता है। इसके सूत्र आज भी उतने ही ताजा हैं जितने कि वात्स्यायन के काल में रहे थे।

कामसूत्र महज एक ग्रंथ अथवा कागजों का पुलिंदा मात्र नहीं है बल्कि यह रतिक्रीड़ा के अलावा गृहस्थ जीवन को सही तरीके से जीने के उपाय बताता है। वास्तव में कामसूत्र प्रेम, सौंदर्य तथा जीवन के राग की संपूर्ण किताब है।

कामसूत्र का प्रेम : कामशास्त्र या कामसूत्र में स्त्री और पुरुष की शारीरिक संरचना और मनोविज्ञान को अच्छी तरह समझाया गया है इसीलिए यह ग्रंथ शिक्षा देता है कि प्रेम का आधार है संभोग और संभोग का आधार है प्रेम। शरीर और मन दो अलग-अगल सत्ता होने के बावजूद दोनों एक दूसरे का आधार हैं।

प्रेम की उत्पत्ति सिर्फ मन या हृदय में ही नहीं होती शरीर में भी होती है। स्त्री-पुरुष यदि एक दूसरे के शरीर से प्रेम नहीं करते हैं तो मन, हृदय या आत्मा से प्रेम करने का कोई महत्व नहीं। प्रेम की शुरुआत ही शरीर से होती है। दो आत्माओं के एक दूसरे को देखने का कोई उपाय नहीं है। शरीर ही शरीर को देखता है। स्त्री यदि संपूर्ण तरह से स्त्रेण चित्त है और पुरुष में पौरुषत्व है तो दोनों एक-दूसरे के मोहपाश से बच नहीं सकते।

कामसूत्र का सेक्स : वास्तव में सेक्स या संभोग ही दाम्पत्य सुख-शांति की आधारशिला है। काम के सम्मोहन के कारण ही स्त्री-पुरुष विवाह सूत्र में बँधने का तय करते हैं। अतः विवाहित जीवन में काम के आनन्द की निरन्तर अनुभूति होते रहना ही कामसूत्र का उद्देश्य है। यदि स्त्री-पुरुषों के बीच काम को लेकर उदासीनता है तो दाम्पत्य जीवन ऐसे होगा जैसे कि एक ही ट्रेन में सफर कर रहे लेकिन अगल-अलग डिब्बों में।

कामसूत्र यौन संबंधी जानकारियों का बेहतरीन खजाना है। कामसूत्र उन आसनों के लिए भी प्रसिद्ध है जिनके चित्र या मू्र्ति देखने के लिए लोग खजुराहो या अजंता-एलोरा जाते हैं या फिर चुपके से आसनों की सामग्री को बाजार से खरीदकर देखते हैं। दिमाग विकृत होता है बाजार के उस गंदे साहित्य को पढ़ने से जिसे पश्चिमी मानसिकता के चलते बेचा जाता है, लेकिन कामसूत्र या कामशास्त्र आपको उत्तेजित करने के बजाय सही ज्ञान देता है। कामसूत्र में संभोग के हर पहलू का वर्णन कर मनो-शारीरिक प्रतिक्रियाओं की जो विवेचना प्रस्तुत की है वह अद्भुत और रोमांचक है।

आज के भागदौड़ से भरे जीवन में पति-पत्नी के संबंध औपचारिक ही रह गए हैं, लेकिन कामसूत्र का ज्ञान आपके वैवाहिक जीवन को अंत तक तरोताजा बनाए रखने में सक्षम है। संभोग के आसनों से यौन सुख के साथ ही व्यायाम के लाभ भी प्राप्त किए जा सकते हैं। बस, जरूरत है तो इसे सही रूप में समझने की।

कामसूत्र का सौंदर्यशास्त्र : नाट्य शास्त्र के प्रणेता भरत मुनि कहते हैं- संसार में जो कुछ भी शुभ,
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पवित्र और उज्ज्वल दर्शनीय है वह श्रृंगार रस से प्रेरित है अर्थात काम की कमनीयता है। कामसूत्र कहता है कि स्त्रियों को भी काम या जीवन की सभी कलाओं का ज्ञान होना चाहिए इसीलिए उन्होंने स्त्रियों के लिए मुख्यत: 64 कलाओं में कुछ शर्त के साथ पारंगत होने की शिक्षा दी है। स्त्री द्वारा 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त करने से ऐश्वर्य और सुख की वृद्धि होती है। पारंगत स्त्री को कामसूत्र में गणिका कहा गया है। गणिका अर्थात गुणवती या कलावती।

जिन चौसठ कलाओं की चर्चा की गई है उनमें से ज्यादातर आज के युग अनुसार अप्रासंगिक मानी जा सकती हैं, लेकिन कुछ कलाएं आज भी प्रासंगिक हैं जैसे हर स्त्री गायन, वादन, नृत्य और चित्र में पारंगत हो सकती। अप्रासंगिक कलाएं- कल-पूर्जे बनाना स्त्रियों का काम नहीं। इंद्रजाल, बाजीकरण, हाथ की सफाई, घुड़सवारी करना, बढ़ईगिरी और तीतर, बटेर अथवा भेड़ को लड़ाने की कला तो अब बिल्कुल चलन से बाहर हो चुकी कलाएं हैं। खैर, जो भी हो कहने का आशय यह है कि कामसूत्र सिर्फ संभोग की ही शिक्षा नहीं देता यह जीवन के हर पहलुओं को छूता है।

संभोग से समाधि : ऐसा माना जाता है कि जब संभोग की चरम अवस्था होती है उस वक्त विचार खो जाते हैं। इस अमनी दशा में जो आनंद की अनुभूति होती है वह समाधि के चरम आनंद की एक झलक मात्र है। संभोग के अंतिम क्षण में होशपूर्ण रहने से ही पता चलता है कि ध्यान क्या है। निर्विचार हो जाना ही समाधि की ओर रखा गया पहला कदम है।

अत: संभोग की चर्चा से कतराना या उस पर लिखी गई श्रेष्ठ किताबों को न पढ़ना अर्थात एक विषय में अशिक्षित रह जाना है। कामशास्त्र या कामसूत्र इसलिए लिखा गया था कि लोगों में सेक्स के प्रति फैली भ्रांतियाँ दूर हों और वे इस शक्ति का अपने जीवन को सत्यम, शिवम और सुंदरम बनाने में अच्छे से उपयोग कर सकें।